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Swine Flu Symptoms In Hindi- स्वाइन फ्लू के लक्षण

स्वाइन फ्लू को H1N1 वायरस भी कहा जाता है। स्वाइन फ्लू वायरस की वजह से इंसानों में सांस संबंधी संक्रमण हो जाता है। स्वाइन फ्लू वायरस की उत्पत्ति सूअरों से हुई है। यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है। 2009 से यह वायरस पूरे विश्व में तेजी से फैला है और हर साल हजारों लोगों की जान स्वाइन फ्लू की वजह से चली जाती है। यह किसी भी उम्र के इंसानों को हो सकता है। स्वाइन फ्लू रोगियों की प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है, अगर समय पर इलाज ना हो तो जान भी जा सकती है। इस लेख में जाने स्वाइन फ़्लू के लक्षण, कारण और इलाज के बारे में। 

स्वाइन फ्लू के जोखिम:

कई लोगों को दूसरों के मुकाबले स्वाइन फ्लू होने के का खतरा ज्यादा होता है। नीचे पढ़ें किनको स्वाइन फ्लू होने का जोखिम ज्यादा होता है –

जिनकी उम्र 65 से ज्यादा हो

5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए

गर्भवती महिलाएं

वे लोग जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो

वे लोग जो अस्‍थमा, डायबिटीज, हृदय संबंधी बीमारियों से ग्रस्त हैं

स्वाइन फ्लू के लक्षण :

वे लोग जिन्हें स्वाइन फ्लू होने की संभावना है, उनके लक्षण निम्न है –

बुखार होना
कफ होना
गले में खराश होना
पूरे शरीर में दर्द होना
दस्त होना
नाक बहना
उल्टी होना
थकावट महसूस करना
जी मचलना

स्वाइन फ्लू होने के कारण :

स्वाइन फ्लू इन्फ्लूएंजा (Influenza) वायरस के कारण होता है। यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है। स्वाइन फ्लू से ग्रस्त इंसान के संपर्क में आने से यह बीमारी दूसरों को भी हो जाती है, स्वाइन फ्लू से ग्रसित इंसान के छींकने से यह वायरस हवा में आ जाता है, जिससे दूसरों को भी यह वायरस अपनी चपेट में ले लेता है।

स्वाइन फ्लू का इलाज :

स्वाइन फ्लू के इलाज के लिए आपको स्वाइन फ्लू के लक्षणों को कम करने पर ध्यान देना चाहिए। डॉक्टर दवाइयों के माध्यम से स्वाइन फ्लू के लक्षणों को कम करके इलाज करते हैं।

स्वाइन फ्लू के घरेलू इलाज :

स्वाइन फ्लू के घरेलू उपायों के माध्यम से आप स्वाइन फ्लू के लक्षणों को कम कर सकते हैं जो निम्न है :-

अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह से धोते रहें।

अच्छी और पूरी नींद लें।

तनाव मुक्त रहें, तनाव का शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

स्वस्थ और संतुलित आहार खाएं।

पर्याप्त पानी पिए – स्वाइन फ्लू की वजह से आपको उल्टियां हो सकती है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो जाती है, इसलिए खूब पानी पिए जिससे कि आपके शरीर में पानी की कमी ना हो।

लहसुन – लहसुन में बहुत सारे गुण होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं। इसमें Allilcin नामक तत्व होता है जो शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स को बढ़ाता है। लहसुन हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune system) को भी मजबूत बनाता है, जिससे हमारा शरीर स्वाइन फ्लू से लड़ने में सक्षम हो जाता है। इसके लिए आप सुबह खाली पेट दो तीन लहसुन की कलियां गर्म पानी के साथ लें।

तुलसी – तुलसी में औषधीय गुण होते हैं जो कई सारी बीमारियों के इलाज में लाभकारी है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स पाया जाता है। तुलसी प्रतिरक्षा प्रणाली को भी मजबूत बनाती है और रोगियों को स्वाइन फ्लू से लड़ने में समझ बनाती है ।

जिनसेंग (Ginseng) – अध्ययन के अनुसार जिनसेंग स्वाइन फ्लू के इलाज में काफी लाभ कार है। जिनसेंग के औषधीय गुण स्वाइन फ्लू के वायरस से लड़ने में बहुत ही प्रभावी हैं स्वाइन फ्लू के रोगियों को एक कप जिनसेंग की चाय रोजाना पीनी चाहिए।

हल्दी दूध – हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-Inflammatory) और एंटीऑक्सीडेंट्स (Anti oxidant)गुण होते हैं, जो संक्रमण से लड़ने में मददगार है। स्वाइन फ्लू के संक्रमण से लड़ने के लिए रोजाना हल्दी का दूध पिए।

आंवला – आंवला में विटामिन सी भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करता है, जिससे शरीर को स्वाइन फ्लू से संक्रमण से लड़ने में और रोगी को जल्द ठीक होने में मदद मिलती है। स्वाइन फ्लू के रोगियों को आमला खाना चाहिए या आमला जूस पीना चाहिए।

स्वाइन फ्लू को फैलने से कैसे रोकें-

स्वाइन फ्लू के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखें-

लोगों से कम मिलें

काम पर या स्कूल ना जाएं

छींकने या खासने के समय अपने मुंह को ढकें

अपने हाथों को अच्छी तरह धोएं

अपने आसपास की जगह को साफ रखें

डॉक्टर की सलाह को माने और पालन करें

अगर आपको उपर बताए गये किसी भी लक्षण का अनुभव हो तो, तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करें।

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