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शुगर का घरेलू और प्राकृतिक इलाज- Sugar Ka Gharelu Ilaj Upchar

आजकल गलत जीवनशैली की वजह से डायबिटीज की बीमारी बहुत ही ज्यादा बढ़ती जा रही है। डायबिटीज से ग्रस्त लोगों में इंसुलिन (Insulin) पर्याप्त मात्रा में नहीं बनता और इन लोगों का शरीर सही ढंग से इंसुलिन को इस्तेमाल नहीं कर पाता, जिस कारण खून में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है और इस बड़े हुए मात्रा को नियंत्रित करने के लिए इलाज की जरूरत पड़ती है। वैसे तो डायबिटीज के कई इलाज हैं, लेकिन कुछ घरेलू उपायों की मदद से और अपने जीवन शैली में बदलाव करके आप अपने ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रख सकते हैं। इस लेख में आप जानेंगे शुगर का घरेलू और प्राकृतिक इलाज- Sugar Ka Gharelu Ilaj Upchar in Hindi.

नीचे दिए गए कुछ प्रभावी घरेलू उपचारों के माध्यम से आप डायबिटीज को नियंत्रित रख सकते हैं।

1. तुलसी के पत्ते- तुलसी के पत्ते antioxidants से भरपूर होते हैं, जो आपके शरीर में मौजूद Pancreas के सही कार्य करने में मदद करते हैं। तुलसी के पत्ते इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं। दो से तीन तुलसी के पत्ते खाली पेट खाएं या एक चम्मच तुलसी के पत्तों का रस खाली पेट पिए ताकि आप का बढ़ा हुआ ब्लड शुगर लेवल कम हो सके।

2. अलसी- अलसी में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है जो पाचन शक्ति को बढ़ाता है और अधिक वसा और शुगर को अवशोषित करने में मदद करता है। एक चम्मच अलसी पाउडर रोजाना सुबह खाली पेट हल्के गर्म पानी के साथ लें।

3. दालचीनी- दालचीनी इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाती है और ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मदद करती है। 1 ग्राम दालचीनी रोजाना अपने खाने में 1 महीने तक शामिल करके, आप अपने बढ़े हुए ब्लड शुगर लेवल को कम कर सकते है।

4. ग्रीन टी- ग्रीन टी में Polyphenel तत्व पाया जाता है जो कि एक शक्तिशाली Antioxidants है। इसमें Hypoglycaemic तत्व है जो खून में शुगर की मात्रा को कम करते हैं और आपके शरीर में इंसुलिन का सही इस्तेमाल करने में मदद करते हैं। ग्रीन टी सुबह यहां खाने से पहले पिए।

5. सहजन के पत्ते- सहजन के पत्ते (Drumsticks Leaves) शरीर में ऊर्जा को बढ़ाते हैं। सहजन के पत्ते खून में शुगर की मात्रा को कम और नियंत्रित रखने में मदद करते हैं।

6. इसबगोल (Isabgol)- इसबगोल खून में ग्लूकोज को अवशोषित करने में मदद करता है। यह पेट में अल्सर और एसिडिटी के बचाव में भी उपयोगी है। खाने के बाद Isabgol को पानी या दूध के साथ लें।

7. करेला- करेला में Polypeptide-p तत्व पाया जाता है जो प्राकृतिक इंसुलिन का काम करता है और खून में शुगर के बढ़ते हुए स्तर को कम करता है।

8. नीम- नीम के पत्तों में औषधीय गुण होते हैं। नीम के पत्ते शरीर में इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं और शरीर में खून के प्रभाव को भी बेहतर करते हैं और ब्लड ग्लूकोज स्तर को कम करने में मदद करते हैं। बेहतर परिणाम के लिए आपको नीम के पत्तों के रस खाली पेट पीना चाहिए।

9. जामुन- जामुन में Glycoside नामक तत्व पाया जाता है जो शरीर में starch को शुगर में परिवर्तित होने से बचाता है और खून में शुगर की मात्रा को रहने में मदद करता है। जामुन में कुछ ऐसे गुण होते हैं जो हमें हिरदे संबंधित बीमारियों से बचाते हैं। सुबह के समय जामुन खाए या जामुन के बीज का पाउडर बना लें और एक चम्मच पाउडर हल्के गर्म पानी या दूध के साथ रोजाना खाएं।

10. एलोवेरा- एलोवेरा में Anti-diabetic गुण होते हैं जो खून में शुगर के स्तर को कम करने में मदद करते हैं। एलोवेरा के कई गुण हैं। एलोवेरा पाचन तंत्र को सही रखने में मददगार है। एलोवेरा इंसुलिन को बढ़ाने में उपयोगी हैं। आप बाजार में उपलब्ध एलोवेरा जूस पी सकते हैं।

11. अदरक- अदरक का उपयोग सालों से पाचन तंत्र और सर्दी खांसी के इलाज में किया जाता है लेकिन कई शोध द्वारा यह पता चलता है कि अदरक डायबिटीज के इलाज में भी उपयोगी है। अदरक ब्लड शुगर लेवल को कम करने में मददगार है और यह शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध को भी हटाता है।

12. आम के पत्ते- आम के पत्ते भी मधुमेह के इलाज और नियंत्रण में उपयोगी है। आम के पत्तों को सुखाकर पाउडर बना लें और सुबह खाली पेट पानी के साथ लें या आम के पत्तों को पानी में उबालकर ठंडा कर ले और सुबह खाली पेट पिएं।

13. आमला- आंवला विटामिन सी से भरपूर होता है। आमला शरीर में मौजूद Pancreas को अधिक इंसुलिन बनाने के लिए उत्तेजित करता है जिससे खून में ग्लूकोज के स्तर नियंत्रित रहते हैं। आप आमला का जूस या कच्चा आंवला खा सकते हैं।

14. मिल्क थिज़्ल (Milk Thistle)- मिल्क थिज़्ल एक औषधि है जो लीवर के लिए बहुत उपयोगी है। इसमें antioxidants और anti-inflammatory गुण होते हैं जो डायबिटीज को नियंत्रण करने में मदद करते हैं।

किसी भी घरेलू उपाय या औषधि को इस्तेमाल करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। कुछ औषधीय डायबिटीज की अन्य दवाइयों के साथ मिलकर एक दूसरे को प्रभावित कर सकती है। यह औषधियां केवल एक विकल्प उपाय हैं इसे दवाइयों के बदले ना लें। अपने डॉक्टर से सलाह लेकर ही उपयोग करें।

नीचे कुछ जीवनशैली बदलावों के बारे में जाने जो डायबिटीज के नियंत्रण में उपयोगी है-

1. नियमित व्यायाम- नियमित व्यायाम वजन कम करने और इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाने में मददगार है । जिससे शरीर की कोशिकाएं बेहतर तरीके से आपके खून में मौजूद शुगर के स्तर को इस्तेमाल कर पाए, जिससे खून में शुगर के स्तर कम होने में मदद होती है । व्यायाम करने से आपके शरीर की मांसपेशियां आपके खून में मौजूद शुगर को ऊर्जा के रूप में इस्तेमाल कर पाती है।

2. अपने कारबोहाइड्रेट्स (Carbohydrates) को कम करें- आपका शरीर कारबोहाइड्रेट्स को ग्लूकोस में बदलता है और इंसुलिन (Insulin) इस ग्लूकोस को आपके कोशिकाओं तक पहुंचता है, जब आप ज्यादा कारबोहाइड्रेट्स वाले भोजन खाते हैं तो इंसुलिन इसे सही ढंग से नियंत्रित नहीं कर पाता और आपका ब्लड ग्लूकोज स्तर बढ़ जाता है। कई शोध से पता चला है कि कम कारबोहाइड्रेट्स वाले आहार खून में ग्लूकोज के स्तर को कम करने में मदद करते हैं।

3. फाइबर खाएं- ज्यादा फाइबर युक्त आहार डायबिटीज के लिए उपयोगी है। फाइबर खून में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करने में उपयोगी है और खून में शुगर के स्तर को कम करने में मददगार हैं। अधिक फाइबर युक्त भोजन जैसे फल, सब्जियां , दालें आदि खाएं।

4. ज्यादा पानी पिए- पर्याप्त पानी पिए ताकि खून में पानी की कमी ना हो जिससे खून में शुगर की बड़ी हुई मात्रा कम हो सके और डायबिटीज नियंत्रित रहे। पर्याप्त पानी पीने से खून में शुगर के स्तर नियंत्रित रहते हैं। पानी किडनी को खून में मौजूद बढ़े हुए शुगर के स्तर को पेशाब के माध्यम से शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। एक अध्ययन के अनुसार जो लोग पर्याप्त पानी पीते हैं उनके खून में शुगर के स्तर के बढ़ने का खतरा कम होता है।

5. तनाव कम करें- तनाव आपके ब्लड शुगर स्तर पर बुरा प्रभाव डालता है। तनाव आपके शरीर के लिए घातक है। तनाव के कारण glucagon और cortisol हॉर्मोन्स निष्कासित होते हैं जो आपके खून में शुगर के स्तर को बढ़ाते हैं। इसीलिए तनाव से दूर रहें। तनाव कम करने के लिए योग , आसन , मेडिटेशन ,कसरत करें ताकि शरीर में इंसुलिन का स्तर सही हो और खून में शुगर की मात्रा कम हो।

6. अच्छी नींद ले- अच्छी नींद स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभकारी है। पर्याप्त नींद ना लेने से शरीर में इंसुलिन हॉर्मोन्स और नियंत्रित होते हैं और खून में शुगर के स्तर बढ़ते हैं। अधूरी नींद cortisol हॉर्मोन्स के स्तर को बढ़ाती है, जिससे खून में शुगर के स्तर और नियंत्रित होते हैं। इसीलिए डायबिटीज को नियंत्रित रखने के लिए पर्याप्त अच्छी नींद अवश्य लें।

7. वजन कम करें- अच्छी सेहत के लिए वजन का नियंत्रण में रहना बहुत जरूरी है। वजन नियंत्रित रखने से खून में शुगर के स्तर भी नियंत्रित रहते हैं और डायबिटीज का खतरा भी कम रहता है।
यहां तक कि सिर्फ 7% वजन करने से डायबिटीज होने का खतरा 58 प्रतिशत तक कम हो जाता है। इसीलिए अत्याधिक वजन कम करें और नियंत्रित रखें।

ध्यान देने वाली बातें

ऊपर दिए गए जीवनशैली में बदलाव करके आप डायबिटीज को नियंत्रित रख सकते हैं और एक स्वास्थ्य जीवन जी सकते हैं।

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