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कमर दर्द का कारण और इलाज- Kamar Dard Ka Ilaj

कमर दर्द एक आम समस्या हो गई है। यह लगभग हर उम्र के लोगों को प्रभावित करती है। यह आमतौर पर मांसपेशियों और हड्डियों में होती है। कभी-कभी यह दर्द असहनीय हो जाती है। सही तरीके से इसका उपचार नहीं करने पर यह गंभीर रूप भी ले सकती है। हालांकि लोग अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं। उम्र के साथ-साथ यह समस्या बढ़ती चली जाती है। कुछ घरेलू उपायों की मदद से आप कमर दर्द को जल्द ही ठीक कर सकते हैं। इस लेख में जानें कमर दर्द का कारण और इलाज- Kamar Dard Ka Ilaj.

कमर दर्द के कारण:

कमर दर्द के कई सारे कारण हो सकते हैं। कभी-कभी दर्द एक या दो दिनों में ठीक हो जाता है और कभी-कभी कई हफ्ते लग जाते हैं। नीचे कमर दर्द के कारणों के बारे में जाने-

मांसपेशियों में खिंचाव- भारी समान उठाने से या अचानक अलग ढंग से उठने या बैठने से मांसपेशियों में खिंचाव हो जाता है, जिससे कमर में दर्द की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

रप्चर डिस्क (Ruptured Disks)- डिस्क हमारे शरीर की हड्डियों के बीच से होता है, जो कुशन का काम करता है, यह डिस्क उम्र के साथ घिसने लगते हैं जिसमें उस क्षेत्र में मौजूद नस पर दबाव बनता है, जिससे दर्द उत्पन्न होता है।

आर्थराइटिस (Arthritis)- आर्थराइटिस हड्डियों से संबंधित बीमारी है, जो कमर दर्द की समस्या को उत्पन्न करती है।

रीड की हड्डी में बदलाव- यह एक स्थिति है, जिसमें रीड की हड्डी एक तरफ टेढ़ी हो जाती है जो कमर दर्द का कारण बनती है।

ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis)- इस परिस्थिति में रीड की हड्डी छिद्र और नाजुक हो जाती है जिससे कमर दर्द की समस्या पैदा हो जाती हैं।

कमर दर्द के जोखिम:

कमर दर्द किसी भी उम्र में हो सकती है कमर दर्द उत्पन्न होने के जोखिम निम्न है-

उम्र- कमर दर्द अधिकतर 30 साल की उम्र से शुरू होती है यह ज्यादातर उम्र से संबंधित समस्या है।

व्यायाम ना करना- व्यायाम नहीं करने से शरीर की मांसपेशियों और हड्डियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे कमर दर्द की समस्या उत्पन्न हो जाती है।

अधिक वजन- अधिक वजन और मोटापे से कमर पर अधिक दबाव पड़ता है, जिससे कमर दर्द की समस्या बनी रहती है।

गलत ढंग से वजन या उठाना- भारी वजन गलत तरीके से भी उठाने से कमर दर्द की समस्या उत्पन्न होती है।

तनाव- अत्यधिक तनाव भी कमर दर्द की समस्या को उत्पन्न करता है।

कमर दर्द से बचाव के तरीके:

आप कुछ तरीकों को अपनाकर कमर दर्द से बचाव कर सकते हैं-

व्यायाम- नियमित व्यायाम से मांसपेशियों और हड्डियां मजबूत बनी रहती है, जिससे कमर दर्द की समस्या उत्पन्न नहीं होती।

वजन- अपने वजन को संतुलित रखें और जिन व्यक्तियों का वजन अधिक है, उन्हें अपना वजन कम करना चाहिए।

तनाव- अत्यधिक तनाव कमर दर्द को बढ़ाता है इसलिए तनाव लेने से बचें।

सही ढंग से उठना या बैठना- हमेशा सही तरीके से उठें या बैठें, जिससे मांसपेशियों में खिंचाव की संभावना नहीं रहती।

भारी वजन- भारी वजन उठाने से बचें।

कमर दर्द में होने वाली जांच:

आपके डॉक्टर आपकी शारीरिक जांच करके यह पता लगाते हैं कि किस कारण से आपको कमर दर्द की समस्या हो रही है, इसके लिए डॉक्टर जो जांच करते हैं वह निम्न हैं-

X-Ray- हड्डियों की जांच के लिए
MRI या CT Scans- मांसपेशियों , नसों की जांच के लिए
खून की जांच- संक्रमण या अन्य किसी बीमारी की जांच के लिए

कमर दर्द का इलाज:

कई मामलों में कमर दर्द अपने आप ही दो से तीन हफ्तों में ठीक हो जाता है और कभी-कभी ज्यादा समय भी लग सकता है। कमर दर्द का इलाज इसकी स्थिति पर निर्भर करता है। कमर दर्द के इलाज निम्न हैं-

दवाइयां- कमर दर्द के इलाज में कई प्रकार की दवाइयों का इस्तेमाल होता है जिसमें दर्द निवारक दवाइयां  (Pain Killer), विटामिन डी और मैग्नीशियम, कैल्शियम युक्त दवाइयां सम्मलित हैं।

कमर दर्द के लिए अन्य इलाज:

फिजियोथेरेपी (Physiotherapy)- कई प्रकार की Physiotherapy इलाज की मदद से कमर के दर्द को कम या खत्म किया जा सकता है। एक Physiotherapist आपको कई तरह के व्यायाम और अन्य उपायों के बारे में बता सकते हैं। जो आपके कमर दर्द को कम करने में मददगार हो।

एक्यूपंक्चर (Acupuncture)- इस तकनीक में सुई को आपके शरीर के विभिन्न बिंदुओं में चुभाया जाता है, जिससे कमर के दर्द में राहत दिलाने में मदद मिलती है।

मसाज- मसाज की मदद से भी कमर दर्द को ठीक किया जा सकता है, इसके लिए सरसो के तेल से मसाज करें , लेकिन डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।

योग-  योग की मदद से भी कमर दर्द को हमेशा के लिए ठीक किया जा सकता है। योग आपके हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। यह आपके रीढ़ की हड्डी को सही पोज़ीशन में लाने में मदद करता है।

हीट एंड कोल्‍ड थेरेपी (Heat and Cold Therapy)- दर्द वाली जगह में गर्म पानी या इलेक्ट्रिक हीटिंग पैड से सेकने से भी दर्द में कमी आती है, क्योंकि इससे उस जगह पर खून का प्रभाव बढ़ जाता है खून के प्रवाह के बढ़ने से मांसपेशियों को जल्दी ठीक होने में मदद मिलती है। अगर कमर की मांसपेशियों में सूजन हो, तो आई स्टैक लगाना चाहिए इससे सूजन जल्दी कम होने में मदद मिलती है।

सर्जरी- कुछ ही लोगों को कमर दर्द में सर्जरी की जरूरत पड़ती है, अगर आपकी कमर में दर्द किसी विशेष कारण की वजह से हो, जिसमें सर्जरी की जरूरत पड़े, तभी डॉक्टर सर्जरी की सलाह देते हैं।

कमर दर्द के घरेलू उपाय और इलाज:

गेहूं के आटे की कच्ची रोटी

गेहूं के आटे की रोटी से कमर दर्द को ठीक किया जा सकता है, इसके लिए रोटी को एक तरफ से पका लें और दूसरी तरफ़ कच्ची रहने दें, और इस रोटी को अपनी कमर में बांध लें, इससे कमर दर्द ठीक हो जायेगा।

लहसुन और नींबू का रस

लहसुन दर्द को ठीक करने में कारगर है। इसके लिए एक चम्मच लहसुन के रस में एक चम्मच नींबू का रस मिला दें| अब इस मिश्रण में दो चम्मच पानी मिलाकर इसका सेवन करें। दिन में दो बार इसका सेवन करने से कमर का दर्द ठीक हो जायेगा।

अदरक का पानी

एक बर्तन में गर्म पानी में कुछ अदरक के टुकड़े डालकर उबाल लें, और इसमें थोड़ा शहद मिला दें और इस मिश्रण का सेवन करें। इस मिश्रण  से मांसपेशियों में खिंचाव की समस्या दूर हो जाती है और कमर का दर्द ठीक हो जाता है।

सोंठ

कमर दर्द में सोंठ को बहुत ही लाभकारी माना जाता है।सौंठ के चूर्ण को गर्म पानी में उबालें और इसका काढ़ा बना लें। इस काढ़े का सेवन करें। आप इसमे तुलसी के बीज को भी समान मात्रा में मिला सकते हैं और काढ़ा बना सकतें हैं। इस काढ़े के सेवन से कमर दर्द ठीक हो जाता है।

काली मिर्च और लौंग

काली मिर्च और लौंग दोनों के भरपूर लाभ हैं। चार काली मिर्च और चार लौंग लेकर उनका पीसकर चूर्ण बना लें। अब इसमें सूखी हुई अदरक का चूर्ण भी मिला दें। इन तीनों को मिलाकर उबालें और काढ़ा बना लें और रोजाना इस काढ़े का सेवन करें। इससे कमर दर्द ठीक हो जायेगा।

डॉक्टर ही आपके कमर दर्द के कारण और जांच के अनुसार ही आपको सही इलाज की सलाह दे सकते हैं। अगर कमर दर्द लंबे समय तक रहे और ठीक ना हो रहा हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।

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