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कैंसर के 14 लक्षण जानें- Cancer Ke Lakshan

Cancer Ke Lakshan

कैंसर एक बहुत ही घातक और खतरनाक बीमारी है। आजकल के दौर में प्रदूषण व अन्य खराब जीवनशैली की वजह से यह बीमारी बढ़ती ही जा रही है। कैंसर किसी भी उम्र में हो सकता है। प्रदूषण व अन्य कारणों से कहीं ना कहीं हम सबको यह डर रहता है कि हमें कैंसर ना हो जाए, इसलिए यह जरूरी भी है कि हमें कैंसर के लक्षणों का पता हो। कैंसर कई प्रकार के होते हैं और हर कैंसर के अलग-अलग लक्षण होते हैं। कैंसर का कोई एक निश्चित लक्षण नहीं है। कई लक्षणों का तो हमे शुरूवाती चरणों में पता भी नहीं चलता। कई लक्षण ऐसे भी हैं जो कैंसर के कारण नहीं होते बल्कि ट्यूमर (Tumor) और अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारणों से होते हैं, अगर लक्षण कई हफ्तों तक बने रहें, तो डॉक्टर से अवश्य संपर्क करें ताकि डॉक्टर आपके लक्षणों के आधार पर आपको कैंसर है या नहीं या सुनिश्चित कर सकें और उसके अनुसार इलाज कर सकें। अगर कैंसर के लक्षणों को शुरूवाती चरणों  में पहचान लिया जाए तो इसका इलाज संभव है। इस लेख में  कैंसर के लक्षणों के बारे में जानें- Cancer Ke Lakshan.

कैंसर के कई अलग-अलग लक्षण हो सकते हैं जो निम्न हैं, इन लक्षणों का होना हमेशा यह नहीं दर्शाते कि आपको कैंसर ही है। आपके डॉक्टर ही जांच के माध्यम से यह सुनिश्चित कर पाएंगे कि आपको कैंसर है या नहीं।

1. वजन कम होना- कैंसर होने का सबसे सामान्य लक्षण है अचानक वजन में अत्यधिक कमी आना उन लोगों को जिन्हें कैंसर है उनका वजन अचानक कम हो जाता है।

2. अत्यधिक थकावट- जिन व्यक्तियों को कैंसर होता है उनके शरीर में मेटाबोलिज्म (Metabolism) की कमी हो जाती है क्योंकि कैंसर कोशिकाओं को लगातार मेटाबोलिज्म की जरूरत होती है, जिनके कारण इन व्यक्तियों को हमेशा थकावट महसूस होती है और यह थकान आराम करने के बावजूद बनी रहती है। कुछ कैंसर से शरीर में खून की कमी हो जाती है जिससे शरीर में हमेशा थकावट बनी रहती है।

3. त्वचा में बदलाव- कई प्रकार के त्वचा में बदलाव कैंसर होने के संकेत होते हैं। त्वचा के रंग में अचानक बदलाव, त्वचा में धब्बे होना, त्वचा में घाव, फोड़ा हो जाना जो ठीक ना हो रहा हो, शरीर में नया तिल होना, या पुराने तिल में बदलाव होना, ये सब त्वचा संबंधी कैंसर होने के लक्षण हैं।

4. पाचन संबंधी बदलाव- लगातार कब्ज रहना, दस्त, मल के दौरान दर्द होना, कोलोन (Colon) कैंसर और रेक्टल (Rectal) कैंसर के लक्षण हैं।

5. मूत्र में खून आना- मूत्र में खून आना मूत्राशय (Bladder) कैंसर का लक्षण है। मुत्र त्याग करने में दिक्कत आना या मूत्र में हल्का भी खून आना कैंसर के लक्षण हैं।

6. आवाज में बदलाव आना- आवाज में स्थायी बदलाव आना लैरिंक्स (Larynx)/ गले के कैंसर का लक्षण है। अगर आपके आवाज में बदलाव आए जो ठीक ना हो रहा हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें, ये लक्षण फेफड़ों के कैंसर (Lung Cancer) और थायराइड (Thyroid) कैंसर का संकेत है।

7. गांठे- शरीर में ऐसे गांठ जो बढ़ते चले जाएं, सख्त हो जाए और त्वचा में बदलाव करें। कैंसर होने के संकेत हैं, यह गांठे ज्यादातर दर्द रहित होते हैं।

8. स्तनों में बदलाव- स्तनों में गांठ होना, सतनों या निप्पल के आकार में बदलाव आना, स्तनों का सख्त होना, स्तनों से किसी प्रकार का द्रव निकलना, स्तनों में लालपन या दर्द होना, स्तनों की त्वचा में बदलाव आना सतन कैंसर के लक्षण हैं, हालांकि स्तनों में बदलाव हमेशा कैंसर के संकेत नहीं होते किसी भी प्रकार के बदलाव होने पर डॉक्टर से मिलें।

9. मुंह संबंधी में बदलाव- अगर आपके मुंह में किसी प्रकार के लाल या सफेद धब्बे हो जाए और ठीक ना हो रहें हों, तो ये मुंह के कैंसर के संकेत हैं खास तौर पर अगर आप धूम्रपान या तंबाकू खाते हो ।गाल में गांठ होना , जबड़े इन आने में दिक्कत होना और मुंह में दर्द रहना भी मुंह के कैंसर के संकेत हैं।

10. खांसी होना- ज्यादातर खांसी तीन से चार हफ्तों में ठीक हो जाते हैं, अगर खांसी उससे ज्यादा दिनों तक रहे और खांसी के दौरान खून निकले तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें। ये फेफड़ों के कैंसर के लक्षण हो सकते हैं।

11. दर्द रहना- ज्यादातर कैंसर शुरुआती चरणों में दर्द रहित होते हैं। हालांकि ऐसे दर्द जो खासकर हड्डियों या मस्तिष्क में काफी लंबे समय तक बनी रहे, तो यह कैंसर होने के लक्षण होते हैं। इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

12. बुखार- बुखार होने के कई कारण होते हैं, लेकिन बुखार जो लंबे समय तक रहे और कोई निश्चित कारण का पता ना चले, तो यह खून के कैंसर होने का संकेत है। ऐसे में आपके डॉक्टर ही जाँचों के माध्यम से यह सुनिश्चित कर पाएंगे कि आपको कैंसर हैं या नहीं।

13. सांस फूलना- हमेशा सांस फूलना, सांस लेने में दिक्कत आना जैसे समस्या होना फेफड़ों के कैंसर के लक्षण हैं। इन ट्यूमर का आकार इतना बढ़ जाता है कि सांस संबंधी समस्या उत्पन्न हो जाती है। शुरुआती चरण में इन ट्यूमर का पता भी नहीं चलता इसलिए ऐसी दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

14. रात के समय पसीना आना- रात के समय अत्यधिक पसीना आना जिससे कि आपको उठकर के पजामा बदलने की जरूरत पड़े, तो यह ल्यूकीमिया (Leukemia) या लिंफोमा (Lymphoma) कैंसर होने का संकेत हैं इसीलिए बिना देर किए डॉक्टर से मिलें।

अगर आपको ऊपर बताए गए कैंसर के लक्षणों का अनुभव हो जो कई हफ्तों तक रहें, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें और जांच के माध्यम से सुनिश्चित करें कि आपको कैंसर है या नहीं।

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