Menu Close

Cancer Ka Ilaj- कैंसर का इलाज (Cancer Treatment In Hindi)

कैंसर एक खतरनाक जानलेवा बीमारी है। आज के दौर में यह घातक बीमारी प्रदूषण और अन्य जीवन शैली कारणों से बढ़ती जा रही है। इस बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता ही इसके रोकथाम का उपाय है। लोगों को कैंसर होने के लक्षण और इससे बचाव के बारे में जानकारी होनी चाहिए ताकि इससे बचा जा सके। आजकल विज्ञान ने कैंसर के इलाज में काफी उन्नति कर ली है, अगर समय रहते कैंसर का पता चल जाए तो इसका इलाज संभव है। कैंसर के कई इलाज हैं, कैंसर का इलाज उसके प्रकार पर निर्भर करता है। इस लेख में जाने कैंसर में किए जाने वाले इलाजों के बारे में- Cancer Ka Ilaj.

कैंसर के इलाज:

1. सर्जरी (Surgery)- कैंसर के इलाज में सर्जरी के माध्यम से कैंसर कोशिकाओं को शरीर से हटाया जाता है।

2. रेडिएशन थेरेपी (Radiation Therapy)- इसमें कैंसर कोशिकाओं और ट्यूमर (Tumor) को रेडिएशन के माध्यम से नष्ट किया जाता है। इसके कई दुष्प्रभाव भी होते हैं।

3. कीमोथेरेपी (Chemotherapy)- इसमें दवाइयों के माध्यम से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है, इसके भी हमारे शरीर के अन्य हिस्सों में कई दुष्प्रभाव होते हैं।

4. इम्‍यूनोथेरेपी (Immunotherapy)- इसमें अपने ही शरीर के रोग प्रतिरोधक प्रणाली ( Immune System ) के माध्यम से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है, इसमें हमारे शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाता है ताकि हमारा शरीर कैंसर कोशिकाओं से लड़ सके और उसे नष्ट कर सके।

5. टारगेटेड थेरेपी  (Targeted Therapy)- इस विधि से कैंसर कोशिकाओं को बढ़ने, फैलने से रोका जाता है ताकि कैंसर कोशिकाएं शरीर के अन्य हिस्सों में ना फैले।

6. हार्मोन थेरेपी (Hormone Therapy)- इस विधि से स्तन (Breast) और प्रोस्टेट (Prostate) कैंसर, जो शरीर के हारमोंस को इस्तेमाल करके बढ़ते हैं, उन्हें हार्मोन थेरेपी के माध्यम से बढ़ने से रोका जाता है।

7. स्टेम सेल्स ट्रांसप्लांट (Stem Cells Transplant)- इस विधि के माध्यम से कैंसर रोगियों के शरीर में उन Stem कोशिकाओं (Stem Cells) को फिर से बहाल किया जाता है जो कीमोथेरेपी और रेडिएशन के कारण नष्ट हुए हों।

कैंसर की जांच:

कैंसर के लक्षणों को अगर शुरुआती चरणों में पहचान कर उसकी जांच की जाए तो कैंसर के इलाज की संभावना बढ़ जाती है। कैंसर को सुनिश्चित करने के लिए डॉक्टर कई प्रकार की जांच करते हैं जो निम्न हैं-

शारीरिक जांच- डॉक्टर आपके शरीर में किसी प्रकार की गांठ की जांच करते हैं। डॉक्टर शरीर मे कोई और असमानता जैसे त्वचा के रंग में बदलाव, किसी अंग के आकार में बदलाव की जांच करते हैं ये सब कैंसर होने के संकेत है।

प्रयोगशाला जांच- खून की जांच, मूत्र की जांच के माध्यम से डॉक्टर कैंसर के कारण होने वाली असमानता की जांच करते हैं। खून के कैंसर को खून की जांच के माध्यम से पता लगाया जाता है।

इमेजिंग (Imaging) जांच- इसमें डॉक्टर CT Scan, Bone Scan, MRI, Ultrasound, X-Ray और Positron Emission Tomography ( PET ) Scan के माध्यम से शरीर के हड्डियों और अन्य अंगों की जांच करके कैंसर का पता लगाते हैं।

बायोप्सी (Biopsy)- इस विधि में डॉक्टर आपके शरीर की कोशिकाओं के नमूने (Sample) को एकत्रित करके प्रयोगशाला में कैंसर होने की जांच करते हैं। इस विधि में जांच इस पर निर्भर करता है कि कैंसर आपके शरीर के किस भाग में है। कई मामलों में बायोप्सी ही कैंसर को सुनिश्चित करने का आखरी उपाय होता है।

डॉक्टर रोगियों के अनुसार ही सही कैंसर की जांच और इलाज निर्धारित करते हैं, जो उनके लिए उचित हो।

और पढ़ें:

https://www.sehatness.com/cancer-ke-lakshan

https://www.sehatness.com/cancer-ke-karan

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *