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Banjhpan Ka Ilaj- बांझपन के लक्षण, कारण और इलाज

बांझपन का मतलब है गर्भधारण करने में असमर्थता। एक साल या उससे ज्यादा समय तक गर्भधारण करने के प्रयास के बावजूद संतान प्राप्ति ना कर पाना। आजकल के दौर में बांझपन की समस्या बढ़ती जा रही है इसका मुख्य कारण प्रदूषण और हमारी जीवन शैली है। बांझपन के 30% मामलों में महिला, 30% मामलों में पुरुष, 30% मामलों में दोनों जिम्मेदार होते हैं। 10% मामलों के कारण पता नहीं चलते। महिलाओं में प्रजनन क्षमता उम्र के साथ-साथ घटती जाती है और बढ़ती उम्र के साथ-साथ महिलाओं के अंडों की संख्या और गुणवत्ता भी घटती जाती है। बांझपन की समस्या महिला या उसके साथी या दोनों की वजह से हो सकती है। भाग्यवश कई तरीके और उपाय हैं, जो गर्भधारण करने की संभावनाओं को बढ़ा देते हैं। इस लेख में जानें महिला बांझपन के लक्षण, कारण और इलाज-Banjhpan Ka Ilaj

बांझपन के लक्षण:

बांझपन का सबसे मुख्य लक्षण है गर्भधारण ना कर पाना। महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म और मासिक धर्म का ना होना भी बांझपन के लक्षण हो सकते हैं।

डॉक्टर से कब मिले:

1. अगर आप की उम्र 40 साल से ऊपर है।

2. अगर आप 1 साल से ज्यादा समय से गर्भधारण ना कर पा रही है।

3. अगर आपके मासिक धर्म अनियमित हैं।

4. अगर आपको मासिक धर्म ना हो रहे हैं।

5. अगर आप मासिक धर्म के दौरान दर्द का अनुभव कर रही हो।

बांझपन के कारण:

महिला बांझपन के कई कारण हो सकते हैं जो निम्नलिखित है-

1. अंडोत्सर्ग ओवुलेशन (Ovulation) की समस्या- पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम Polycystic Ovary Syrdrome (PCOS) या अन्य अनियंत्रित हार्मोन (Hormones) की वजह से महिलाओं में ओवुलेशन की समस्या उत्पन्न हो जाती है जिससे महिलाओं के अंडे ठीक से विकसित या निष्कासित नहीं हो पाते।

2. थायराइड (Thyroid) की समस्या- महिलाओं में थायराइड की समस्या ज्यादा होती है, इस समस्या के कारण महिलाओं में अन्य प्रजनन संबंधी हार्मोन भी अनियंत्रित हो जाते हैं जो बांझपन का कारण बनते हैं।

3. असामान्य गर्भाशय या Cervical- कुछ महिलाओं के गर्भाशय के आकार समान नहीं होते और कुछ महिलाओं की गर्भाशय ग्रीवा ( cervix) असामान्य होती है। कुछ महिलाओं के गर्भाशय में फाइब्रॉएड (Fibroids), पॉलिप्स (Polyps) हो जाते हैं जिससे फर्टिलाइज़्ड (Fertilized) अंडा गर्भाशय में प्रत्यारोपित नहीं हो पाता, ये सब महिलाओं में बांझपन के कारण है।

4. फैलोपियन ट्यूब (Fallopian Tubes)- पुरुष के शुक्राणु फैलोपियन ट्यूब से होते हुए महिला के अंडे तक पहुंचते हैं और उसे फर्टिलाइज़ (Fertilize) करते हैं अगर फैलोपियन ट्यूब में किसी प्रकार का अवरोध हो, तो शुक्राणु और अंडा आपस में नहीं मिल पाते जिससे महिला गर्भधारण नहीं कर पाती।

5. एन्‍डोमीट्रीओसिस (Endometriosis)- कुछ महिलाओं के गर्भाशय के बाहर एंडोमेट्रियल ऊतक (Endometrial Tissues) उत्पन्न हो जाते हैं जो महिला के अंडाशय (ovaries), गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब को प्रभावित करते हैं और महिला बांझपन के का कारण बनते हैं। इसका मुख्य कारण PCOS और अनियमित मासिक धर्म है।

6. अनियमित मासिक धर्म- मासिक धर्म का कम या ज्यादा होना, मासिक धर्म का ना होना और अनियमित मासिक धर्म, महिलाओं में बांझपन को उत्पन्न करते हैं।

7. अन्य कारण- महिलाओं में अन्य स्वास्थ्य संबंधी बीमारियां जैसे मधुमेह आदि भी महिलाओं में बांझपन का कारण है।

बांझपन से बचाव:

कुछ जीवनशैली संबंधी बदलाव महिलाओं में गर्भधारण करने की संभावनाओं को बढ़ाते हैं जो निम्न हैं-

1. धूम्रपान ना करना

2. शराब का सेवन ना करना

3. प्रतिदिन हल्के व्यायाम जरूर करें

4. कैफीन (Caffeine) कम मात्रा में लें

5. अपने वजन को नियंत्रित रखें

महिला बांझपन में होने वाले जांच:

1. खून की जांच- हार्मोन (Hormones) के स्तर को जानने के लिए और यह जाने के लिए की महिलाओं में ओवुलेशन हो रहा है या नहीं।

2. हिस्ट्रोसैल्पिन्जोग्राफी Hysterosalpingography (HSG)- महिला के गर्भाशय और फैलोपियन ट्यूब (Fallopian tubes) की जांच के लिए।

3. पेल्विक अल्ट्रसाउंड (Pelvic Ultrasound)- महिला के गर्भाशय की जांच के लिए।

4. अंडाशय रिजर्व (Ovaries Reserve) जांच- महिला के अंडों की संख्या को जानने के लिए।

5. थायराइड (Thyroid) की जांच- महिला में थायराइड हार्मोन के स्तर को जानने के लिए।

6. आनुवंशिक जांच (Genetic Testing)- किसी प्रकार के Genetic असमानता की जांच के लिए।

7 अन्य संक्रमण के लिए जांच।

महिला बांझपन के इलाज:

1. लेप्रोस्कोपी (Laproscopy)- इस सर्जरी (surgery) का उपयोग महिला में एन्‍डोमीट्रीओसिस (Endrometriosis) के इलाज , फैलोपियन ट्यूब के अवरोध को खोलने के लिए और Ovaries cyst के इलाज के लिए किया जाता है।

2. हिस्ट्रोस्कोपी (Hysteroscopy)- इसका उपयोग महिलाओं के गर्भाशय के फाइब्रॉएड (Fibroids) और पॉलिप्स (Polyps) कुशवाहा हटाने के लिए किया जाता है इसका उपयोग फैलोपियन ट्यूब के अवरोध को खोलने के लिए भी किया जाता है।

3. दवाइयां- कुछ दवाइयों के उपयोग से महिलाओं में ओवुलेशन को ठीक किया जा सकता है। यह दवाइयां महिलाओं के हार्मोन को भी नियंत्रित करने में सहायक हैं। जैसे clomiphene citrate (Clomid)

4. Intrauterine Insemination (IUI)- इस प्रक्रिया में पुरुष के शुक्राणु को महिला के गर्भाशय में डाल दिया जाता है जिससे गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है।

5. Invitro Fertilization (IVF)- इस प्रक्रिया में महिला के अंडे और पुरुष के शुक्राणु को प्रयोगशाला में फर्टिलाइज़ किया जाता है और जो भ्रूण तैयार होता है उसे सीधे महिला के गर्भाशय में प्रत्यारोपित कर दिया जाता है जिससे गर्भधारण करने की संभावना बहुत ज्यादा बढ़ जाती है और गर्भ धारण करना आसान हो जाता है।

6. एग डोनेशन (Egg Donation)- अगर किसी महिला में स्वास्थ्य अंडों की कमी हो, लेकिन उस महिला का गर्भाशय सामान्य है तो एग डोनेशन की मदद से गर्भ धारण किया जा सकता है। इसमें किसी अन्य महिला के स्वास्थ्य अंडों को उस महिला के साथी के शुक्राणुओं के साथ प्रयोगशाला में फर्टिलाइज़ करके उस महिला के गर्भाशय में प्रत्यारोपित कर दिया जाता है।

बांझपन को निश्चित करने के लिए अपने डॉक्टर से जल्द मिलें। आपके डॉक्टर ही आपके लक्षणों के आधार पर आपके इलाज के बारे में बताएँगे।

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